उंगलियां चटकाने को सभी क्यों करते है मना

 


बहुत से लोगों को उंगलियां चटकाने की आदत होती है, लेकिन ये शौक आपको गंभीर बीमारी का शिकार बना सकता है। जी हाँ कुछ लोगों को आदत होती है, घर हो या ऑफिस कुछ काम करते हुए, या कुछ लिखते हुए उंगलियां चटकाने की। चाहे आपको इसकी आदत हो या इससे आपको आराम मिलता हो, लेकिन यह आदत आपको गंभीर बीमारी का शिकार बना सकता है। कुछ लोगों को तो गर्दन की हड्डियां भी चटकाने की आदत होती है, जो गलत है।


 क्या है नुकसान
इससे हडि्डयों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हाथ, पैर की उंगलियां चटकाने से काम करने की क्षमता कमजोर होती है। उंगलियों के जोड़ और घुटने के जोड़ों में सिनोवियल फ्लूइड लिक्विड पाया जाता है, जो हड्डियों को जोड़ने में मददगार है। यह लिक्विड हमारी हडि्डयों के जोड़ों में ग्रीस का काम करता है। यह लिक्विड हडि्डयों को एक दूसरे से रगड़ खाने से रोकता है और उसमें मौजूद गैस जैसे कार्बन डाई ऑक्साइड नई जगह बनाती, जिससे हड्डियों मे बुलबुले बन जाते हैं। उंगलियों को चटकाते हैं तो वही बुलबुले फूटते हैं, बार बार उंगलियों को चटकाने से सिनोवियल फ्लूइड लिक्विड कम होने लगता है। सिनोवियल फ्लूइड लिक्विड के ख़त्म होने से अर्थराइटिस हो सकता है और जोड़ों को बार-बार खींचने से हडि्डयों की पकड़ भी कम हो सकती है।


इसके अलावा डॉक्टरों का कहना है कि उंगलियां चटकाने से हाथ में सॉफ्ट टिश्यूज में सूजन आ सकती है। लंबे समय से उंगलियां चटकाने का बुरा असर पड़ सकता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने एक एक रिसर्च में पाया कि उंगलियों को चटकाने से हड्डियां कमजोर होती हैं